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जरूरी तो नहीं

Harvansh Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इश्क हो फिर जुदाई हो जरूरी तो नहीं
        
                                                    
                            
हमने भी चोट खाई हो जरूरी तो नहीं

उनकी खुशी के खातिर हम दूर हो गए
रिश्ते में बेवफाई हो जरूरी तो नहीं

ठिठुर कर गुजारते हैं रात बहुत लोग
सबके हिस्से रजाई हो जरूरी तो नहीं

शायद वो अंधेरे में दिया जला रहा हो
आग उसने ही लगाई हो जरूरी तो नहीं

ये हुनर, ये अदा, कमाल की कारीगरी
किसी ने उसे सिखाई हो जरूरी तो नहीं

बेशकीमती चीजें बेमोल भी बिक जाती हैं
हर तरफ महंगाई हो जरूरी तो नहीं

हम उसकी यादों का बाजार सजाए बैठे हैं
उसने भी हाट सजाई हो जरूरी तो नहीं

दरअसल चुनाव हैं, ऐसे में कोई खबर
अखबार में आई हो जरूरी तो नहीं

-हरवंश हृदय
 
2 वर्ष पहले
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