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एक शख्सियत है

Harvansh Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक शख्सियत है दिल में जो वर्षों से बसी है
        
                                                    
                            
है जिस्म तो आज़ाद मगर रूह फंसी है
उसके जमाल में हृदय बस इतना जानता
मैं रोया तो रोयी, मेरे हंसने पे हंसी है
- हरवंश हृदय
3 वर्ष पहले
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