जांनिसार है।
तेरी हर मुस्कुराहट पर मेरी ये जांनिसार है,
कैसे बताऊं मैं मुझे तुमसे कितना प्यार है।
बस बोल सुनने को तुम्हारे दिल ये बेकरार है,
कैसे बताऊं मैं मुझे तुमसे कितना प्यार है।
तुम हो मेरी आशिक़ी,
जैसे साज़ की हो मौसिकी
हूं करता इबादत में तेरी,
अब तुम हो मेरी ज़िन्दगी
दिल को मेरे हर पहर न चैन है न करार है,
कैसे बताऊं मैं मुझे तुमसे कितना प्यार है।
तेरी हर मुस्कुराहट पर मेरी ये जांनिसार है,
कैसे बताऊं मैं मुझे तुमसे कितना प्यार है।
तेरी हसीं में है मेरी खुशी,
खुशनसीब हूं जो तू मिली
है सुकून कि तू साथ है,
क्या हुआ जो मेरी न हुई
तेरी खातिर टूटने को दिल मेरा तैयार है,
कैसे बताऊं मैं मुझे तुमसे कितना प्यार है।
तेरी हर मुस्कुराहट पर मेरी ये जांनिसार है,
कैसे बताऊं मैं मुझे तुमसे कितना प्यार है।।
-यादवजी कहिन
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