किसी ने दिल से ये सवाल किया है क्या?
वफ़ा की राह में कोई उम्र भर जिया है क्या?
तुझी से पूछता हूँ आज ऐ मेरे नादान,
जो एक बार बिखरा, वो फिर कभी सिला है क्या?
-हरि ओम सोनू