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गांव की लड़की

Harikesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वह गांव की एक लड़की है
        
                                                    
                            
पुरानी परंपराओं की भेंट चढ़ी है
सोचती वही है वो जो उसको सोचना सिखाया गया है
वह प्यार तो करना चाहती है
पर परंपराओं के पीछे रह कर
वह पढ़ना तो चाहती है
पर परंपराओं के पीछे रह कर
वह साहित्य में प्यार लिखना तो चाहती है
पर परंपराओं के पीछे रह कर
वह अपनी मनुवादी संस्कृति को ही अपनी सीमाएं समझती है
वह आज़ादी चाहती है
वह चेतना चाहती है
वह नए युग की शुरुआत करना चाहती है
वह प्यार को नए सिरे से परिभाषित करना चाहती है ।

हरिकेश यादव , बी एच यू


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5 वर्ष पहले
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