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ऐ शर्मोह्या की बेगम

Harikesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            असर वादों में नहीं इरादों में होता है ।
        
                                                    
                            
दर्द तेरे खंजर से नहीं अल्फाजों से होता है।
ऐ शर्मोहया की बेगम , सुन तो पहले
मुहब्बत का मज़ा पाने में नहीं , पाने के अरमानों में होता है ।

हरिकेश यादव बी. एच. यू.



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6 वर्ष पहले
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