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दिव्य प्रेरणा

Hari Shankar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब कोई आघात
        
                                                    
                            
दिल की गहराइयों में उतर जाता है
एक आवाज अंतस से
दिव्य प्रेरणा के साथ
उभरकर आती है
अस्तित्व से टकराहट हो जाती है
वह प्रेरणा जब शब्दों के जाल में
बँधकर नयी इबारत लिखती है
तो वह अमरकोश
युगों-युगों तक प्रेरणा देता हुआ
जिन्दगी को नई राह दिखाता है
कोई पढ़कर तो कोई सुनकर
लय में लय मिला जाता है
मगर हर कोई नहीं
कोई अपने चिन्तन से
उस तत्व में अपने प्राणों का आसव
मिलाकर उसे और भी दिव्य बना जाता है।

-हरिशंकर 'हरि'
4 वर्ष पहले
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