विज्ञापन

यह तुम्हारी गलतफहमी है

Gurudeen Verma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह तुम्हारी गलतफहमी है,
        
                                                    
                            
कि लूटकर तेरी इज्जत,
तेरा हुस्न और दौलत,
और तेरा सुख और चैन,
कि आबाद होना चाहता हूँ मैं।

यह तुम्हारी गलतफहमी है,
कि कोई मुझको नहीं चाहता,
कि मैं बहुत बदनाम हूँ ,
और लेना चाहता हूँ नया रूप,
तेरी पनाह और तेरा साथ पाकर।

यह तुम्हारी गलतफहमी है,
कि बना रखें हैं मैंने दुश्मन बहुत,
परेशान है मुझसे मेरा परिवार,
और आना चाहता हूँ अब मैं,
तेरी बाँहों में पाने को खुशी,
तेरी जुल्फों में खुद को छुपाने के लिए,
ताकि कोई मुझको नहीं देख सके।

यह तुम्हारी गलतफहमी है,
कि तुमसे ज्यादा नहीं है,
मुझको किसी से प्यार,
और तुम ही हो सिर्फ पवित्र,
कि बनाना चाहता हूँ मैं,
तुम्हारे दिल में मेरे लिए घर,
ताकि जिंदा रहे मेरा भी अस्तित्व।
यह तुम्हारी गलतफहमी है---------------------।।
-गुरुदीन वर्मा उ
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Deepti Tripathi

119 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

787 कविताएं

View Profile