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जीते रहे तो कल मिलेंगे

Gurdeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीते रहे तो कल मिलेंगे। जीते रहे तो पल मिलेगे।
        
                                                    
                            
तन का कुछ पता नहीं। जीते रहे तो ढल मिलेंगे।
तन मन में पांच दुष्ट हैं। जीते रहे तो छल मिलेंगे।
कर्म करना अपना धर्म है। जीते रहे तो फल मिलेंगे।
सुख दुख में अडोल रहना। जीते रहे तो बहल मिलेंगे।
फल की इच्छा छोड़ देना। जीते रहे तो सफल मिलेंगे।
स्वर्ग कहां है नर्क कहां है। जीते रहे तो हल मिलेंगे।
सोहल अकेला चला चल। जीते रहे तो सगल मिलेंगे।

-गुरदीप सिंह सोहल 
3 वर्ष पहले
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