विज्ञापन

जहां नौकरी करके मैंने जवानी गुजार दी। अभी तो मैं जिंदा हूं किरदार ने देख लिया।

Gurdeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अभी तो मैं जिंदा हूं करतार ने देख लिया।
        
                                                    
                            
अभी तो मैं जिंदा हूं सरदार ने देख लिया।

सबके साथ उठते बैठते खाते पीते रहते।
अभी तो मैं जिंदा हूं परिवार ने देख लिया।

मेरे मरने की खबर किसी ने नहीं सुनाई।
अभी तो मैं जिंदा हूं अखबार ने देख लिया।

जिंदा होने का प्रमाण दफ्तर ने दे दिया।
अभी तो मैं जिंदा हूं दरबार ने देख लिया।

जहां नौकरी करके मैंने जवानी गुजार दी।
अभी तो मैं जिंदा हूं किरदार ने देख लिया।

बिना सबूत के मानना नहीं चाहता सोहल।
अभी तो मैं जिंदा हूं सरकार ने देख लिया।
-गुरदीप सिंह सोहल
 
23 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile