विज्ञापन

सच्चा प्यार

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किसी का किसी को दिल देना
        
                                                    
                            
यू ही अचानक नही होता
किसी को देखकर मुस्कराना
प्यार का मानक नही होता

प्यार मे नखरे न हो संभव नही
नखरे सह न सको प्यार मे दम नही
प्यार मे कुछ मिलता नही समर्पण है
प्यार पूजा है जिसमे करना अर्पण है

प्यार करो और प्यार याद न आये
समझो अभी प्यार नही कर पाये
प्यार हो गया तो नींद उड़ा ले जाये
सोते हुए भी प्यार के ही सपने आये

गोपाल शर्मा

-हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all