किसी का किसी को दिल देना
यू ही अचानक नही होता
किसी को देखकर मुस्कराना
प्यार का मानक नही होता
प्यार मे नखरे न हो संभव नही
नखरे सह न सको प्यार मे दम नही
प्यार मे कुछ मिलता नही समर्पण है
प्यार पूजा है जिसमे करना अर्पण है
प्यार करो और प्यार याद न आये
समझो अभी प्यार नही कर पाये
प्यार हो गया तो नींद उड़ा ले जाये
सोते हुए भी प्यार के ही सपने आये
गोपाल शर्मा
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