सावन भी सूना-सूना निकल गया है,
हाथ से ग्यारस का झूला निकल गया है।
ख़बर मिली है, झंडा पूजन हो गया है,
रामलीला मैदान में फिर पंडाल सज गया है।
इस बार दशहरे से दो दिन पहले आऊँगा,
ये वादा रहा...
कुछ कह नहीं सकता,
सच्चा होगा या इस बार भी झूठा निकलेगा,
वादा जो दोस्तों से किया गया है।