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हैदराबाद रेप कांड

Ghangas Jatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस दौर पे गौर करो
        
                                                    
                            
चुप क्यों हो अब, शोर करो
इंसानो की बस्ती में कैसे हुई दरिंदगी,
हवस ने मिटा दी किसी की ज़िंदगी।
टीवी मोबाइल को क्यों कोसते हो,
कसूर किसका है क्यों सोचते हो ।
गुनाहगार वही है जिसने गुनाह किया है,
किसी के भाई का घर सूना किया है।
कितना वक़्त लगा होगा काबिल बनने में,
जो चाहा था वो मुकाम हासिल करने में।
मिनटों में हर सपना तबाह किया है,
मदद वालो ने किस रास्ते ला दिया है।
जन्म दिया है तो संस्कार भी सिखाओ,
अपने लड़के को इंसान भी बनाओ।
माना की अब मोमबतियां भी जलेगी,
हां मगर ये आंधी भी बस कुछ दिन चलेगी।
ये काफी नहीं है ,कुछ और करो।
चुप क्यों हो, अब शोर करो।


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6 वर्ष पहले
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