ऐसा नहीं कि मुझे तुमसे अब प्रेम नहीं,
पर हाँ, वो पहले जैसा नहीं।
ऐसा नहीं कि अब तुम्हें याद नहीं करता,
पर हाँ, वो पहले जितना नहीं।।
ऐसा नहीं कि तुम्हारे संदेश का इंतज़ार नहीं रहता,
पर हाँ, अब वो दिल में बेचैनी का आलम नहीं।
ऐसा नहीं कि तुम्हारी तस्वीर देख कर रुकता नहीं,
पर हाँ, अब उसे घंटों निहारने की आदत नहीं।।
ऐसा नहीं कि तुम्हारी खुशियों की दुआ नहीं मांगता,
पर हाँ, अब अपनी खुशियाँ तुम पर वारता नहीं।
ऐसा नहीं कि दिल के किसी कोने में तुम नहीं,
पर हाँ, अब तुम ही मेरी पूरी दुनिया नहीं।।
ऐसा नहीं कि हम अजनबी हो गए हैं बिलकुल,
पर हाँ, अब हम में वो पहले वाली 'बात' नहीं।
ऐसा नहीं कि मुझे तुमसे अब प्रेम नहीं,
पर हाँ, वो पहले जैसा नहीं।।