विज्ञापन

जिंदगी एक बहता दरिया है

Gaurav Harnam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़िंदगी एक बहता दरिया है,
        
                                                    
                            
जो बिना थके, बिना रुके
अपनी मंज़िल की तलाश में
हमेशा आगे ही बढ़ता रहता है।

इस दरिया की हर लहर में दर्द छुपा है,
कहीं टूटी यादों की कसक,
कहीं पूरे न हो सके ख़्वाबों की चुभन।
मैं अक्सर इन लहरों को सुनता हूँ,
और अपने अलफ़ाज़ में उनकी गूंज उतार देता हूँ।

कभी-कभी लगता है दरिया हमसे रूठ गया,
हम दूसरों की नाव बचाते-बचाते
अपनी नाव को ही धीरे-धीरे डूबने देते हैं।
तब समझ आता है
सबसे गहरे ज़ख़्म वही देते हैं
जिन्हें हम सबसे ज़्यादा पकड़े रखते हैं।

रिश्ते भी इस दरिया के पत्थरों जैसे,
कुछ चुभ जाते हैं, कुछ संभाल लेते हैं।
पर समय सबको बदल देता है
बस दिल पर पड़े निशान
हमेशा की तरह ताज़ा रह जाते हैं।

कभी ये दरिया इतना गहरा हो जाता है,
कि अपनी ही आवाज़ कहीं दब जाती है,
और दिल की बातें
उपर तक लौट ही नहीं पातीं।
तभी एहसास होता है
कि ख़ामोशी भी पानी से भारी होती है।

खुशियाँ फूलों की तरह तैरती हैं,
हल्की, सुगंध भरी, पर थोड़ी देर की।
एक लहर आती और उन्हें बहा ले जाती।
हम बस खड़े देख लेते हैं,
कि जो पल हमने थामा था,
वो लकीरों से फिसल चुका है।

और ग़म?
वो पत्थर बनकर दिल की गहराइयों में जम जाते हैं।
दर्द भी देते हैं, सिखाते भी हैं
क्योंकि कभी-कभी वही पत्थर
हमें फिर से खड़ा होने की जगह बन जाते हैं।

ज़िंदगी का ये दरिया सिखाता है,
कि गिरना भी ज़रूरी है,
टूटना भी ज़रूरी है
क्योंकि हर टूटी लहर
एक नयी दिशा दिखा जाती है।

ये दरिया हमसे बस एक बात कहता है:
“तुम डूबो चाहे जितनी बार,
पर हर बार उठकर
फिर से बहना मत छोड़ना।”

ज़िंदगी एक बहता दरिया है…
और मैं,
बस इसी दरिया की कहानी के शब्दों को
माला की तरह पिरोने का काम करता हूं। 
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ranjana Sharma

40 कविताएं

View Profile