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क्यों न चाँद को चाँद ही रहने दिया जाए

G. Pritam Giri

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            छोड़ दो कश्मकश चाँद को पाने की सिराज़,
        
                                                    
                            
क्यों न चाँद को चाँद ही रहने दिया जाए।
3 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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