विज्ञापन

बुरा वक्त भी होता है बलवान

Furkan Rahi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बुरे वक्त में कौन है अपना कौन पराया
        
                                                    
                            
बुरे वक्त में होती है अपनों की पहचान

बुरा वक्त हो फिर भी मानो रब का तुम एहसान
बुरे वक्त में होती हैं अपने और पराए की पहचान

बुरे वक्त में जो न संभला वो इंसा हैं नादांन
बात तू मेरी मान बुरा वक्त भी होता है बलवान



 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all