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काश! ऐसा होता

Ekta Relan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ मन ने कहा... 
        
                                                    
                            
काश ऐसा होता
पी.एम केवल भारतीय होता
न हिन्दू होता न मुसलिम होता
न सिख होता न ईसाई होता
बस वो भारतीय होता
फिर कौई मतभेद न होता
देश के हित मे ही सबका हित होता
रैलियों में यूँ पैसा बरबाद न होता
देश प्रेम से ही देश का उतथान होता
मेरा भारत ओर महान होता
बने जो पी.एम
शाखाओं में मज़बूती भर लेता
पार्टी के नाम की ओट मे
कही अपनी पार्टी का ही हित न होता
दोषी कोई और हो प्रहार निर्दोष पर न होता
मत्रियों की जो नीयत साफ़ रहे
सदा मेरा भारत महान था
महान ही रहे...
जय हिंद

एकता कोचर
रेलन,सोनीपत
 
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