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रहमत तेरी नज़र

Dr. Rashmi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रहमत तेरी नज़र, तक़दीर सजा दे
        
                                                    
                            
ज़र–ज़मीन-ज़न्नत, इबादत-ए-सिला नहीं

- डॉ. रश्मि झा
 
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4 वर्ष पहले
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