वफ़ा का एलान करने वाले,
जब बेवफ़ाई पर आए,
ज़रूरी नहीं वह बेरुखी ही दिखाएँ;
बेवफ़ा तो वो तब भी कहलाए
बेक़दरों से मिलकर जब
वो बेवफ़ाई पर आए—
बेवफ़ाई पर आए।
यह सौतेले-सगों का मसला नहीं,
यह चचेरे-अपनों का गुलिस्ताँ नहीं,
मसाइल नहीं यह रिश्तों के रिश्ते का,
जिनको निभानी होती है वफ़ा
वो मर कर भी उसको
निभाते ही जाएँ,
बातें ही जाएँ।