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चचेरे रिश्ते

                
                                                         
                            वफ़ा का एलान करने वाले,
                                                                 
                            
जब बेवफ़ाई पर आए,
ज़रूरी नहीं वह बेरुखी ही दिखाएँ;
बेवफ़ा तो वो तब भी कहलाए
बेक़दरों से मिलकर जब
वो बेवफ़ाई पर आए—
बेवफ़ाई पर आए।

यह सौतेले-सगों का मसला नहीं,
यह चचेरे-अपनों का गुलिस्ताँ नहीं,
मसाइल नहीं यह रिश्तों के रिश्ते का,
जिनको निभानी होती है वफ़ा
वो मर कर भी उसको
निभाते ही जाएँ,
बातें ही जाएँ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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