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स्व-प्रेम क्या है???

Dr. Mamta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब खुद में तुम सर्वश्रेष्ठ देखो,
        
                                                    
                            
सपनों का दरवाजा खोल देखो।

मन हो सकारात्मक, जीवन में उजियारा,
सबसे कठिन पल भी बनें तुम्हारा प्यारा।

जब सुनो अपने भीतर की आवाज़,
और करो वही, जो दिल की है साज।

विश्वास बढ़े राह और अपने कर्म पर,
मूल्य समझो अपना,और न हो कोई डर।

साहसी बनो, आत्मविश्वासी और उत्साही,
कहो खुद से—"मैं अपने लिए सबसे अनोखी ।"

जीवन का मर्म समझने लगों,
अपने ही, क्या कहते है इसे तजने लगो l

हर परिस्थिति में सीखो यही सच्चाई,
मूल्य यही जीवन की हर डगर में समाई।

तब समझ लेना अब स्व-प्रेम होने लगा है
जमाने भर का दर्द कमजोर होने लगा है।
8 महीने पहले
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