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मातृ पितृ को वंदना

Dr. Mamta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करते रहे जो सामना जीवन के युद्ध हजार
        
                                                    
                            
पर देते रहे वे वंदनीय नित नित हमको प्यार

मैं बोली पापा जूते फट गए नए ले आओ
वे बोले 6 महीने चलेंगे इसमें ना ध्यान लगाओ

कैसी भी हो मुश्किलें, वे लड़ना सिखलाते रहे
गिरते गिरते भी मेरा हाथ पकड़ कर उठाते रहे

ऐसे झाड़ दिया करते थे वह मेरे कपड़ों की धूल
जैसे चोट लगी तन पे ,गई पीड़ा देनी भूल

हे प्रभु बस मेरी इतनी विनती सुन लीजो
अगले जन्म उन्हीं मात पिता की सेवा का मौका दीजो

जो कोई गलती हुई हो लूं मैं सभी सुधार
मातापिता ही प्रथम वंदनीय तब अन्य कोई सरकार

क्षमा करें हे भगवान क्षमा करें हे नाथ
मैं धूली मां बाप की और वही मेरे भगवान

वे मेरे अभिमान है वहीं मेरे सम्मान
शब्दसीमा मेरी छूट रही, नहीं पूर्ण हुए बलिदान

स्वार्थी है लोग यहां ,भूले मातपिता का त्याग
पर वक्त बड़ा बेवफा है कभी नहीं रहता साथ

सोचो कुछ वर्ष बाद जब घेरा तुम पर आयेगा
तड़पोगे इस समय को जो लौट कभी न आएगा
एक वर्ष पहले
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kamal jha

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