विज्ञापन

ख़फ़ा होते हैं

Dr fouzia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नुक़सान ही होते हैं, कब नफ़ा होते हैं,
        
                                                    
                            
कितने वादे हैं जो फिर वफ़ा होते हैं।
एक तेरे एहसास की ख़ातिर, ऐ ‘शाद’,
कितने एहसास हैं जो ख़फ़ा होते हैं।
-फ़ौज़िया नसीम ‘शाद’
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all