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दर्द, घाव

Dr BKS Sanjay

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आदमी हो या जानवर-
        
                                                    
                            
दर्द सबको होता है,
घाव सबको होते हैं।

जानवर अपने दर्द को स्वयं सहता है,
अपना घाव स्वयं ही चाटता है
और स्वयं ही भरता है।

इसके विपरीत,
आदमी की फितरत देखो-
जो पहले स्वयं घाव पैदा करता है,
फिर अपना दर्द दूसरों से बांटता है।
अपना घाव भी दूसरों से ठीक कराता है।

आदमी ही है,
जो अपने दर्द को तो बांटता है,
पर खुशी को समेटता है।
3 महीने पहले
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