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तुम को समेट लूं

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझे तुम्हारी मुहब्बत का तलब इतनी है , स्वयं में तुम को समेट लूं,
        
                                                    
                            
लेकिन तुम ने इतना भी हक़ मुझे नहीं दिया,जी भरकर तुम्हें देख सकूं,
एक महीने पहले
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