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दोष नसीब का है

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिकायत करूं भी तो तुम से क्यों करूं,दोष तुम नसीब का है,
        
                                                    
                            
जो कभी मिलाता है, कभी रुलाता है, और तुम्हें अपना नहीं होने देता है
एक घंटा पहले
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