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तेरी प्रतिक्षा में हूं

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम भटक रही है उन चेहरों के पीछे,जो कभी तुम्हारे नहीं है,
        
                                                    
                            
काश कभी मेरे चेहरे को भी देख लेती, मैं कब से तेरी प्रतिक्षा में हूं,
10 घंटे पहले
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