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तेरी निगाहों में मैं

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरी निगाहों में मैं अपने गुनाह, उनके निशान खोजता हूं सनम,
        
                                                    
                            
ऐसी भी क्या बात है कि तुम बात तक नहीं करती,
मैं इतना भी नहीं हूं बुरा जितना सोचती हो तुम,
एक घंटा पहले
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samarth dalela

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