विज्ञापन

महसूस करता हूं तुम्हें

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सफर खत्म होने को है और मुसाफिर बनकर तुम दिल में रहती है,
        
                                                    
                            
तुम साथ रहती नहीं है, तुम दूर रहती नहीं है, यादों में महसूस करता हूं तुम्हें,
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

श्री सनातन

671 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13377 कविताएं

View Profile