मैं तो पागल हूं तेरी मुहब्बत में शायद इसीलिए नज़्में लिखता हूं तेरी अदाओं पर,
शायरी लिखता हूं मैं तेरी आंखों पर, ग़ज़लें लिखता हूं तेरी आंहों पर,
कायल, घायल हो जाता हूं मैं तेरी चाल पर,मर जाता हूं तेरे हुस्न पर, और गिर जाता हूं तेरी बाहों में मैं,