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दीदार हो जाता था

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दीदार हो जाता था तुम्हारा किसी भी बहाने से,तो दिल बहल जाता था मेरा,
        
                                                    
                            
तुम चली गई तो दिल की हसरतें, ख्वाहिशें भी ढल गई,
मुहब्बत कि दिया जो जलने की उम्मीद थी, तेरे जाते ही वो बूझ गई,
2 महीने पहले
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