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बहुत हसीन हो

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम बहुत हसीन हो, पर गुलाब नहीं, गुलाब तुम जैसी है,
        
                                                    
                            
तुम बहुत नाज़ुक हो, पर टूटती नहीं, ख्वाब तुम जैसी है,
तुम बोलो तो होंठों से तुम्हें पी जाऊं मैं,
क्यों कि सर से पांव तक तुम शराब नहीं, शराब तुम जैसी है,
एक महीने पहले
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