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गांधी

Dinesh Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वह हांड़-मांस का बना शख्स
        
                                                    
                            
तूफानों से टकराता था,
वह सत्य अहिंसा का पुजारी
सदैव सादा जीवन जीता था।

सत्य, अहिंसा और प्रेम का पाठ
जग को उसने पढ़ाया था,
अहिंसा से बड़ा कोई धर्म नहीं
जन-जन को यह सिखलाया था।

आज भी गांधी का विचार
जन-गण-मन में बसता है,
कैसे कोई सिरफिरा नाथूराम
उस गांधी को ख़त्म कर सकता है?
 दिनेश यादव


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6 वर्ष पहले
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