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ये तो सूरज की लाली है

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जाग उठा अब हिन्दुस्तान
        
                                                    
                            
छोटे बच्चे और जवान
हक अपना सब जान चुके हैं
आवाजें उठ तान चुके हैं
हम बदलेंगे युग बदलेगा
अंदाज युवकों का बदलेगा
बहुत हो चुकी नादिर शाही
युवा हरेक अब बना सिपाही
हाथ मशालें अपनी लेकर
बल बुद्धि संग सपने लेकर
हक अपना ये मांग रहे
सपने भावी सब टांग रहे
कल का भारत इनमें देखो
गांधी सुभाष अब इनमें देखो
नई सुबह होने वाली है
ये तो सूरज की लाली है.
बढ़कर इनका सत्कार करो
इनके जज्बातों से प्यार करो.
इनका बातों का सम्मान करो.

दिनेश चौहान
2 महीने पहले
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