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तिरछी नजर से

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हाइकु
        
                                                    
                            

ठण्डी हवाएँ
पत्तों से मिलकर
दिल छू जाएं.

गालों पे तेरे
सावन की बौछारें
मोती सी भायें .

चश्मे से देखें
तिरछी नजर से
तेरी दो आंखें.

लाल गुलाब
लगते हैं हमको
कपोल तेरे.

होंठो पे रस
जवानी की कहानी
आंखों में पानी.
-दिनेश चौहान
2 महीने पहले
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