हाइकु
ठण्डी हवाएँ
पत्तों से मिलकर
दिल छू जाएं.
गालों पे तेरे
सावन की बौछारें
मोती सी भायें .
चश्मे से देखें
तिरछी नजर से
तेरी दो आंखें.
लाल गुलाब
लगते हैं हमको
कपोल तेरे.
होंठो पे रस
जवानी की कहानी
आंखों में पानी.
-दिनेश चौहान
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