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पल खुशियो के जीते

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बीत गये त्योहार खुशी के दिन बीते
        
                                                    
                            
अब लगते सुबह शाम और दिन रीते.
छोड़ बहुत सी बीती बातों को पीछे
खुशियो के कुछ पल हँसकर जीते.
-दिनेश चौहान
4 घंटे पहले
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