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कैसे कैसे जज्बात बीते

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज फिर मुलाकात हुई एक अर्से के बाद
        
                                                    
                            
सारी रात बातें करती रहीं एक अर्से के बाद.

दिन बीते रात बीती कैसे कैसे जज्बात बीते
दूर रहकर उसने समझा ये एक अर्से के बाद.

सूखे बंजर खेतों में बाढ़ का पानी चढ़ आया
माटी की प्यास बुझी अब एक अर्से के बाद.

शहर की ज़हरीली हुई आबो हवा छोड़कर
गांव बहुत लोग लौटे फिर एक अर्से के बाद.

नौकरी मिली नहीं दिन जिन्दगी के बीत गये
गोधूलि बेला से दिखे युवक एक अर्से के बाद.
-दिनेश चौहान
2 महीने पहले
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