विज्ञापन

चले गये प्रधान

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खेल खेल में कुर्सी बदली चले गए प्रधान
        
                                                    
                            
लौट के बुद्धू घर आये, लगा रहे अब धान.

पिज्जा बर्गर खूब उड़ाये अनपढ़ भाई जान
खूब कबड्डी खेले दिल्ली बता रहे अब ज्ञान .
-दिनेश चौहान
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile