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बूँद भी प्रहरी रही....

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बूँद बारिश की जब चेहरे पर उसके गिरी
        
                                                    
                            
रुक गई फिर चली वो गाल पर ठहरी रही
पर गवाही प्यार की देती नहीं वो अब कहीं
कत्ल आंखों ने किया तो बूँद भी प्रहरी रही.
-दिनेश चौहान
एक महीने पहले
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