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इश्क़

Dilshad Ahmad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारी ख्वाहिशों की फेहरिस्त में
        
                                                    
                            
मैं नहीं था मगर।।
दिलों में बस जाने का रास्ता बता कर तो देख।।
मैं सुबह से शाम फकत सिर्फ तुम्हें याद करता हूं।।
अपने दिल को मेरे दिल से लगा कर तो देख।।
-दिलशाद गायवी
3 वर्ष पहले
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