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इश्क़

                
                                                         
                            तुम्हारी ख्वाहिशों की फेहरिस्त में
                                                                 
                            
मैं नहीं था मगर।।
दिलों में बस जाने का रास्ता बता कर तो देख।।
मैं सुबह से शाम फकत सिर्फ तुम्हें याद करता हूं।।
अपने दिल को मेरे दिल से लगा कर तो देख।।
-दिलशाद गायवी
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3 वर्ष पहले

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