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देश भक्ति

Dilshad Ahmad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            साहिबे मसनद हैं
        
                                                    
                            
माफी मांगने वाले।
वतन के सीने में शमशीर हैं
जाम-ए-शहादत पीने वाले।
उल्फत-ए-वतन ना सिखाएं डर जाने वाले।
जज्बा-ए-अशफ़ाकउल्ला आज भी है
हम मौत से नहीं डरने वाले।
3 वर्ष पहले
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