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तीज और चतुर्थी का पावन संगम

Diksha kumre

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी
        
                                                    
                            
लेकर आए प्रेम अपार,
शिव-पार्वती का स्नेह मिले,
गणपति का मिले आशीर्वाद।
तीज दे सौभाग्यवती का आशीष,
बप्पा दे ज्ञान का वरदान।
घरों में छाए सुख-समृद्धि की सौगात,
हर दिल में बसे रहमत की फुहार,
हर घर में नूर की बहार।
दुआओं से महक उठे हर पल,
खुशियों का हो ये सुंदर पैगाम।
यही तो है तीज और चतुर्थी का
पावन संगम, जहाँ प्रेम से
जश्न मनाएँ और जन-जन में बसे
भक्ति का आलम।
मोदक का भोग लगाएँ,
सखियों संग मीठे गीत गाएँ,
ढोलक की थाप पर झूमे मन।
हरितालिका तीज की पावनता,
गणेश चतुर्थी का पावन पर्व,
भक्ति, प्रेम और खुशियों से
सारा जहान महकाएं।
एक महीने पहले
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