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उस बूढ़े आदमी से कहना

Dev kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उस बूढ़े आदमी से कहना —
        
                                                    
                            

बाबा, तुमने भूल नहीं की,
तुमने बस हमें आईना दिखाया है।
तुम कहते हो तुम्हारे हाथ में कुछ नहीं रहा,
पर देखो, तुम्हारी एक बात ने
मेरे आज को बचा लिया।
तो सुनो, आज से मैं वादा करता हूँ —
कल का सुकून आज में ढूंढूंगा,
जो चाय ठंडी हो रही है, उसे गरम-गरम पी लूँगा,
जो बात दिल में अटकी है, आज ही कह दूँगा,
जिस गले लगना है, आज ही लग जाऊँगा।
क्योंकि अब समझ आया —
कल एक बहाना था,
आज ही तो ज़िंदगी है।
तुम खाली हाथ नहीं हो बाबा,
तुम्हारा गुज़रा हुआ आज
मेरे आने वाले आज को जीना सिखा गया।
3 घंटे पहले
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