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हम ही वो हैं जो दर्द बिना जीना भूल गए हैं

Dev kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द आया था तो हमने भी उसे अपना लिया
        
                                                    
                            
उसने घर माँगा तो दिल में ही बसा लिया

हमने कहा ठहर जा, कोई और ठिकाना नहीं
उसने सुना तो उम्र भर का रास्ता भुला दिया

कभी वो लफ्ज़ों में ढल के हमें ही लिख गया
कभी वो आँखों में ठहर के हमें ही पढ़ लिया

लोग कहते हैं तेरी आँखों में कुछ और है
उन्हें क्या पता तू है और तेरा दर्द है

अब शिकायत नहीं कि वो जाता नहीं कहीं
हम ही वो हैं जो दर्द बिना जीना भूल गए हैं
3 घंटे पहले
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