खुशी खुशी मेरे साथी, करवा चौथ मनाना तुम।
चाँद के दर्शन कर लेना,मुझे अपने दिल में पाना तुम।।
करवा चौथ,,,
मैं ही दिखूँगा चंदा में, देख मुझे मुस्काना तुम।
मै सोच सोच मुस्काऊंगा,मेरी उम्र का दीप जलाना तुम।।
करवा चौथ,,,
हाथों मेहंदी,माथे कुमकुम,सौलह श्रृंगार बनाना तुम।
मेरे हिस्से का हलवा पूरी,भूखे को किसी खिलाना तुम।।
करवा चौथ,,,
मुझे तुम्हारा ही बल है,न मुझे कमजोर बनाना तुम।
धोखे से भी नयनों , मोती मत टपकाना तुम।।
करवा चौथ,,,,
जो दूर रहेंगे अपनों से, उनकी भी दुआ मनाना तुम।
मै जल्दी ही घर आऊंगा, तब सीने से लग जाना तुम।।
करवा चौथ,,,
करवा चौथ,,,,
-देवेन्द्र सिंह चौहान