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न 'गुजारिश" ही की उसे फिर बुलाने की।।

Deepti Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            "गुज़ारिश" नहीं की उसे मनाने की,
        
                                                    
                            
शिकायत भी न की उसके दूर जाने की।

ज़ोर लगाया था उसने हाथ छुड़ाने का,
रोक न सकी तो मैंने छोड़ दिया।

मिन्नतों का अब कोई सवाल नहीं,
उम्मीदों का दामन मैंने भी छोड़ दिया।

न शिकायत की उसके दूर जाने की,
न 'गुजारिश" ही की उसे फिर बुलाने की।।

 
3 घंटे पहले
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