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खुद को जला कर पूरे घर में उजाला कर रहा हूँ

Deependra Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये जमाना मुझको घर का चिराग कहा करता था
        
                                                    
                            
तब न जानू मतलब बस खुद पर नाज करता था
बड़े होते ही जिम्मेदारियों का भार मुझपर आया
समाज की बातों का तब मतलब समझ में आया

आज जोख़िम उठाकर घर का गुजारा कर रहा हूँ
खुद को जला कर पूरे घर में उजाला कर रहा हूँ।
6 घंटे पहले
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Manju Sharma

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